36 साल बाद खुला रास्ता, सामने आई पिछड़ेपन की तस्वीर: बालाघाट में अब असली लड़ाई
मयंक चतुर्वेदी की बालाघाट से ग्राउंड रिपोर्ट बालाघाट के उन जंगलों में, जहां कुछ समय पहले तक सरकार की मौजूदगी महसूस करना भी मुश्किल था, आज सरकारी अमला पहुंच रहा है। सड़क के रास्ते स्वास्थ्यकर्मी गांवों तक जा रहे हैं, बच्चों की जांच हो रही है और प्रशासन उन परिवारों तक पहुंचने की कोशिश कर…
