प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 12 वर्ष पूरे होने पर देशवासियों से संवाद किया और इसे एक तीर्थ यात्रा के समान बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, पराक्रम और सेवा-भाव का गौरवगान करने का माध्यम है। संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के पारंपरिक हुनर, वोकल फॉर लोकल की भावना, स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते प्रभाव और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय उत्पाद अब वैश्विक बाजारों तक पहुँच रहे हैं, जिसमें बिहार का मखाना ग्रीस और कर्नाटक की अरहर दाल मालदीव तक जा रही है। साथ ही, महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों के ‘शबरी नेचुरल्स’ उत्पादों की पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने पैकेजिंग और गुणवत्ता पर जोर दिया। खादी की बढ़ती लोकप्रियता का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि गांधी जयंती पर अकेले एक दिन में खादी उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ‘ई-संजीवनी’ योजना को मील का पत्थर बताते हुए प्रधानमंत्री ने अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, लद्दाख और नागालैंड के दूरदराज के इलाकों के कई संस्मरण साझा किए, जहाँ टेली-कौंसिलेशन के जरिए गंभीर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह और राहत मिली। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 1.90 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीण जीवन को आसान बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान के मोर्चे पर, उन्होंने चेन्नई के आईआईटी मद्रास में ‘सुधा गोपाल कृष्णन ब्रेन सेंटर’ द्वारा मानव मस्तिष्क की 3डी मैपिंग और डीप-टेक स्टार्टअप्स के कामों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश की शिवानी के परिवार द्वारा अंगदान के साहसी फैसले को एक प्रेरणादायी मिसाल बताया।
त्योहारों के इस मौसम में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता बनाए रखने और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को मजबूत करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फादर ऑफ फाइबर ऑप्टिक्स’ नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जन्मजयंती और महर्षि वाल्मीकि जयंती का स्मरण किया। साथ ही, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाली ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता दौड़) में देशवासियों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया और भाई परमानंद जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
