वॉशिंगटन — दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों में से एक Meta अब अमेरिकी अदालत में अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) द्वारा दायर एंटीट्रस्ट मुकदमे में मेटा पर आरोप है कि उसने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसी उभरती कंपनियों को खरीदकर सोशल मीडिया बाज़ार में एकाधिकार जमाया और प्रतिस्पर्धा को कुचल दिया।
FTC की सीधी चोट: ‘खरीदो या मिटा दो’ की रणनीति अपनाई मेटा ने
वाशिंगटन की संघीय अदालत में सोमवार से शुरू हुई सुनवाई में FTC ने तर्क दिया कि मेटा (पूर्व में फेसबुक) ने जानबूझकर अपने प्रतिद्वंद्वियों को पहले ही चरण में खरीदकर सोशल मीडिया क्षेत्र में एकाधिकार बनाया। FTC का दावा है कि इंस्टाग्राम को $1 बिलियन और व्हाट्सएप को $19 बिलियन में खरीदकर मेटा ने अपनी ताकत का दुरुपयोग किया।
FTC के वकील डैनियल मैथेसन ने सबूत के तौर पर 2011-2012 के ज़ुकरबर्ग के ईमेल पेश किए, जिनमें इंस्टाग्राम को “तेजी से बढ़ती हुई धमकी” बताते हुए उसे खरीदने की योजना बनाई गई थी। एक ईमेल में इंस्टाग्राम को “निष्क्रिय” करने की बात भी कही गई थी — FTC ने इसे “धुएं वाला सबूत” कहा।
ज़ुकरबर्ग की गवाही: सिर्फ शुरुआती चर्चा थी
Meta के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग ने अदालत में सफाई दी कि ये ईमेल सिर्फ शुरुआती विचार-विमर्श थे और उनका मकसद प्रतिस्पर्धा खत्म करना नहीं था। उन्होंने कहा कि मेटा ने इन दोनों प्लेटफॉर्म्स को बेहतर बनाया और यूज़र्स को बेहतर अनुभव दिया।
मंगलवार को, गवाही के दूसरे दिन ज़ुकरबर्ग ने माना कि इंस्टाग्राम का कैमरा, मेटा के कैमरा फीचर्स से बेहतर था — इसलिए इसे अधिग्रहित करना कंपनी के लिए फायदेमंद कदम था।
बचाव में Meta: “हम टिकटॉक से जूझ रहे हैं”
मेटा के वकीलों ने FTC के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी आज भी TikTok जैसे नए और आक्रामक प्लेटफॉर्म्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा झेल रही है। उन्होंने इस तर्क को दोहराया कि बाजार में मेटा की बादशाहत का कोई गलत फायदा नहीं उठाया गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: ट्रम्प के दौर की कार्रवाई जारी
यह मुकदमा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में शुरू हुई बिग टेक कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा है। 2020 में दायर पहला मुकदमा खारिज हो गया था, लेकिन दोबारा से यह लड़ाई अब और तेज हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रम्प की सत्ता में वापसी के बाद मेटा ने व्हाइट हाउस के साथ रिश्ते सुधारने के प्रयास भी किए — जिसमें कंटेंट मॉडरेशन में ढील और उद्घाटन फंड में सहयोग शामिल है। हाल ही में कंपनी ने ट्रम्प को $25 मिलियन देकर एक विवाद को भी निपटाया।
क्या मेटा टूटेगा?
अगर अदालत FTC के पक्ष में फैसला देती है, तो मेटा को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को अलग-अलग कंपनियों के रूप में बेचना पड़ सकता है। यह फैसला मेटा के अरबों यूज़र्स को प्रभावित करेगा, जो इन प्लेटफॉर्म्स का रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मामला वर्षों तक खिंच सकता है, और दोनों पक्षों के पास अपील का विकल्प रहेगा।
