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दुराचारियों को मिलेगी फांसी, जबरन धर्म परिवर्तन पर कड़ी कार्रवाई – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

दुराचारियों को मिलेगी फांसी, जबरन धर्म परिवर्तन पर कड़ी कार्रवाई – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

8 मार्च 2025। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति माँ और बहन प्रधान है, और इसी कारण हमारे देश का नाम “भारत माता” से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है और नारी सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश को देश में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना चाहती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएँ संभाल रही महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से बधाई दी और उनके कार्य की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त रुख अपनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बच्चियों, बालिकाओं और बेटियों के साथ दुराचार करने वालों के खिलाफ सरकार कठोरतम कदम उठाएगी। दोषियों को फांसी की सजा दिलाने तक की कार्रवाई की जाएगी, और किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में जबरन या बहला-फुसलाकर विवाह और धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू है। इस कानून के तहत जबरन धर्मांतरण या विवाह के मामलों पर राज्य सरकार किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी।

महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर सरकार लगातार सख्त फैसले ले रही है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कड़े कानून बनाए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

राज्य सरकार के इस सख्त रुख से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी और महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।

वही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी नौकरियों में आरक्षण को 33% से बढ़ाकर 35% कर दिया है। यह निर्णय महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएँ और आर्थिक सहयोग
सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। यदि कोई संपत्ति (जमीन, मकान, या दुकान) महिला के नाम पर रजिस्टर की जाती है, तो उसे 1% स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाएगी। इस पहल के चलते बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीकरण महिलाओं के नाम पर हो रहा है।

इसके अलावा, राज्य सरकार महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष सुविधाएँ दे रही है। औद्योगिक विकास की नीतियों में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उन्हें पुरुषों की तुलना में अधिक सहूलियतें मिल रही हैं। एमएसएमई, लघु और कुटीर उद्योगों में महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के लिए सरकार ने कई योजनाएँ बनाई हैं।

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